जनवरी - मार्च २०२६
इसी संस्करण में ऑपरेशन सिंदूर : बदलते भारत की तस्वीर को मुख्य प्रसंग रूप में स्थानित किया गया हैं।
साथ में अश्विनी वैष्णव द्वारा “आतंकवाद का मुकाबला : मोदीजी का अभिमुख्य”, नीरजा माधव द्वारा “नदी रास्ता नहीं बदलती : कश्मीर के संदर्भ, तथा “भारत विकास-यात्रा का इंजन है ओडिशा” माननीय मुख्यमंत्री द्वारा लिखित आलेख शामिल हैं।
भेंटवार्ता खंड में “जीवन में समस्याएँ नहीं, बल्कि चुनौतियाँ” शीर्षक से अपराजिता सारंगी का प्रेरक साक्षात्कार प्रस्तुत है। इस खंड में अपराजिता सारंगी और हेमंत शर्मा के विचार पाठकों को सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।
प्रबंध के अंतर्गत “ओडिशा की सामरिक परंपरा का गौरवशाली इतिहास” विषय पर विश्वभूषण हरिचंदन का आलेख प्रकाशित है, जो ओडिशा की ऐतिहासिक और रणनीतिक विरासत को रेखांकित करता है।
विशेष लेख में “अच्युत सामंत — बॉलीबाल भारतीय महासंघ के मुख्य संरक्षक” पर केंद्रित आलेख प्रस्तुत है, जो उनके योगदान और व्यक्तित्व को उजागर करता है।
कथा / गल्प खंड में डॉ. जयंती रथ और निर्मला कुमारी महापात्र की रचनाएँ शामिल है।
वहीं डॉ. अच्युत सामंत की 70वीं डॉक्टरेट उपाधि और प्रो. गणेशीलाल का विशेष लेख भी संकलित है।
कविता में डॉ. प्रसन्न पाटसानी, संतोष कुमार झा, मुकेश कुमार ऋषिवर्मा, पीतांबर तराई, राक्ष्यक नायक, प्रो. प्रफुल्ल कुमार मिश्रा, श्री मनोरंजन महापात्र, प्रो. शशांक चूड़ामणि, डॉ. सरोजिनी सदंगी, अमरेश पटनायक, मुकेश कुमार दास तथा प्रणब ज्योति दास की रचनाएँ सम्मिलित है।
फीचर खंड में विजय कुमार तिवारी का लेख तथा “मो माँ मो प्रेरणा”, अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन पर प्रो. शशांक चूड़ामणि को विश्व हिंदी सेवा सन्मान के ऊपर एक विशेष फीचर प्रकाशित है।
अंत में “सतत सह-अस्तित्व की ओर : बौद्धिक शांति और सद्भाव पर राष्ट्रीय संवाद” विषय पर चंद्रकांता चूड़ामणि का विचारपरक आलेख प्रस्तुत है, जो समकालीन समाज के लिए शांति और सामंजस्य का संदेश देता है।