जनवरी - मार्च २०२५

इसी संख्या में प्रवासी भारतीय सम्मेलन को मुख्या प्रसंग के रुप में पेश किया गया है ।
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प्रवासी भारतीय सम्मेलन में “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने प्रवासी भारतीय सम्मेलन में शांति की वार्ता के दौरान कहा कि "युद्ध नहीं, बुद्ध ही भविष्य है," । इसी सम्मेलन में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने विकासशील भारत के सहयोगी बने प्रवासियों की सराहना की।

फीचर में - सृजन शील अर्थ व्यवस्ता , नवसृजन ओर भविष्यत, मातृभाष और भारतीयता, सुरखित डिजिटल भविष्यत् दिशा में अग्रसर राष्ट्र, भविष्य में हिंदी का स्वर भी वदलेगा आदि है।
भेट बार्ता - ज्ञानपीठ पुरस्कार से सन्मानित प्रख्यात ओड़िया कवी डॉ सीताकांत महापात्र से राजेंद्र प्रसाद मिश्रा का साक्षात्कार। इसी संख्या की गल्प में ठाकुर का कुआँ - प्रेमचांद,स्मृति - शरत दाश आदि है।
कविता में -एक दरख्त लगाओ - श्री संतोष कुमार झा, खाली हैट - भरत मिश्र, बोलालसेन - राख्याक नायक, विजयन विजयन - रुनु महंती, देश - डॉ अजित प्रसाद, अटल हूँ में: आत्मा ही मेरा भारतवर्ष - अध्यापक शशांक चूड़ामणि, तकनिकी की उड़ान - डॉ जैस्मिन पटनायक पर्यटन में - मुकेश कुमार ऋषिवर्मा - फोला देवी धाम दर्शन खेल में - विस्व शतरंज चैपियन गुकेष ओर हपी किट के चार खिलाड़ियों की पुरस्कार केंद्र श्रम ओर निजुक्ति युवाव्यापार ओर क्रीड़ा मंत्री मनसुख माड़भ्य की साथ साक्षात्कार आदि है ।

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